यà¥à¤µà¤¾à¤“ं के पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾à¤¸à¥à¤°à¥‹à¤¤ और वेदांत दरà¥à¤¶à¤¨ का अनमोल खजाना: सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ विवेकानंद जà¥à¤žà¤¾à¤¨ संगà¥à¤°à¤¹
अपने ओजसà¥à¤µà¥€ विचारों से पूरे विशà¥à¤µ में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संसà¥à¤•ृति और सनातन धरà¥à¤® का परचम लहराने वाले यà¥à¤—पà¥à¤°à¥à¤·Â सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ विवेकानंद के दिवà¥à¤¯ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ को अब à¤à¤• ही विशेष डिजिटल बंडल में पायें। Swami Vivekananda Gyan Sangrah में सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ जी के वे à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• गà¥à¤°à¤‚थ और वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤¨ शामिल हैं, जो मनà¥à¤·à¥à¤¯ को उसकी आंतरिक शकà¥à¤¤à¤¿, मानसिक à¤à¤•ागà¥à¤°à¤¤à¤¾ और जीवन के वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ से परिचित कराते हैं।
यह संगà¥à¤°à¤¹ केवल धारà¥à¤®à¤¿à¤• उपदेशों का संकलन नहीं है, बलà¥à¤•ि यह आपके वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ को बदलने, आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸ जगाने और सफलता की राह दिखाने वाली à¤à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¿à¤•ा है। सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ जी की सरल और तारà¥à¤•िक à¤à¤¾à¤·à¤¾ के कारण यह बंडल हर यà¥à¤µà¤¾, विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥€ और आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• जिजà¥à¤žà¤¾à¤¸à¥ के लिठà¤à¤• अनिवारà¥à¤¯ धरोहर है।
इस विशेष संगà¥à¤°à¤¹ में शामिल मà¥à¤–à¥à¤¯ गà¥à¤°à¤‚थ और वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤¨:
Rajyog (राजयोग): मन पर नियंतà¥à¤°à¤£, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ की कला और अषà¥à¤Ÿà¤¾à¤‚ग योग के माधà¥à¤¯à¤® से मानसिक à¤à¤•ागà¥à¤°à¤¤à¤¾ व आतà¥à¤®-साकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤•ार पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने का वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• विजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥¤
Karmayog (करà¥à¤®à¤¯à¥‹à¤—): बिना किसी सà¥à¤µà¤¾à¤°à¥à¤¥ और फल की इचà¥à¤›à¤¾ के समाज सेवा करने और अपने दैनिक कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को ही ईशà¥à¤µà¤° की पूजा बनाने का अदà¥à¤à¥à¤¤ मारà¥à¤—।
Bhaktiyog (à¤à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤—): ईशà¥à¤µà¤° के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अननà¥à¤¯ पà¥à¤°à¥‡à¤®, समरà¥à¤ªà¤£ और हृदय की शà¥à¤¦à¥à¤§à¤¤à¤¾ के माधà¥à¤¯à¤® से परमातà¥à¤®à¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ का सरल और मरà¥à¤®à¤¸à¥à¤ªà¤°à¥à¤¶à¥€ दरà¥à¤¶à¤¨à¥¤
Jnanayog (जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¯à¥‹à¤—): अदà¥à¤µà¥ˆà¤¤ वेदांत की वह गहन वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾, जो बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ और तरà¥à¤• के आधार पर सतà¥à¤¯ की खोज करने और सà¥à¤µà¤¯à¤‚ को पहचानने की पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ देती है।
Chicago Pravachan (शिकागो à¤à¤¾à¤·à¤£): साल १८९३ में विशà¥à¤µ धरà¥à¤® संसद में दिया गया वह à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• और विशà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ à¤à¤¾à¤·à¤£, जिसने "अमेरिका के à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚ और बहनों" के संबोधन से पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ को मंतà¥à¤°à¤®à¥à¤—à¥à¤§ कर दिया था।
यह संगà¥à¤°à¤¹ आपकी लाइबà¥à¤°à¥‡à¤°à¥€ में कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होना चाहिà¤?
संपूरà¥à¤£ योग दरà¥à¤¶à¤¨: à¤à¤• ही संगà¥à¤°à¤¹ में सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ विवेकानंद जी के चारों मà¥à¤–à¥à¤¯ योग (राज, करà¥à¤®, à¤à¤•à¥à¤¤à¤¿, जà¥à¤žà¤¾à¤¨) का संपूरà¥à¤£ और पà¥à¤°à¤¾à¤®à¤¾à¤£à¤¿à¤• जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥¤
ऊरà¥à¤œà¤¾ और पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ का सà¥à¤°à¥‹à¤¤: निराशा और मानसिक तनाव को दूर कर, जीवन में सकारातà¥à¤®à¤•ता और असीम ऊरà¥à¤œà¤¾ का संचार करने वाला कालजयी साहितà¥à¤¯à¥¤